सफलता सच या झूठ ?

मनुष्य को प्राचीन समय से सफलता की चाह रही है।सफलता मिलने पर अहंकार जन्म लेता है और असफल होने पर इंसान क्रोध से मायूसी से भर जाता है।लेकिन दोनों ही स्थिति में इंसान रहता अहंकार के बस में है।और अहंकार का कोई भी रूप हो,हमेशा मनुष्य का पतन ही करता है।और इंसान को


मुश्किल 
में डाल देता है।आज के दौर में भी इंसान का यही हाल है,सफलता अहंकार बढ़ा देती है,और असफलता मायूसी दे जाती है।अब आप सोचेंगें की बहुत लोग ऐसे है जिन्हें सफलता का अहंकार नही होता,हर बात सभी के लिए नही होती,लेकिन एक बड़े पैमाने पर कही देखी जाने वाली बात ही कही जाती है।

आज के समय में सफलता में मायने बदल चुके है और सफलता एक बहम बन कर रह चुकी है और असफलता मनुष्य का सबसे बढ़ा डर बन चुकी है।और इसी डर के कारण बहुत लोग सफलता दिलाने का दावा करते है,और सफलता हासिल करने में बहुत मदद भी करते है।इसके बावजूद भी लोग सफलता के सीमित दायरे को जानते है और उसी में रह कर खुश रहने का दिखावा करते है।

आज के इस आधुनिक युग में सफलता का सीधा अर्थ दौलत,नाम,रुतबे से लगाया जाता है।ऐसा माना जाता है कि जिसके पास जितना पैसा,नाम,और जितना बढ़ा पड़ हो ,वो इंसान उतना ही सफल है।और इसमें कुछ गलत भी नही है कि सफलता को इन सब से जोड़ कर देखा जाता है,क्योंकि सब इन सभी चीजों को एहमियत दे रहे है।लेकिन क्या सच में यह सच्ची सफलता है?
इस बारे में सोचने के लिए किसी के पास फुर्सत कहाँ है।एक ऐसी दौड़ जिसमें सभी भाग तो रहे है लेकिन रुक कर सोचना कोई नही चाहता,क्योंकि अगर कोई रुके भी तो उसे यह डर है कि दूसरा कोई आगे ना निकल जाए।

एक सवाल,जिन लोगों के पास यह सब है,जिसे भी दुनिया सफलता की निशानी मानती है,क्या वह सच में सफल है?
हो सकता है वो हो या नही हो।

सफलता का सही अर्थ है अपने जीवन को खुश हो कर सन्तुष्टि के साथ जीना।
अगर आप ऐसा कर पा रहे है या ऐसी ही सफलता चाह रहे है तब तो ठीक है वरना आप भी झूठी सफलता के मायाजाल में फस चुके है।

सफलता का सीधा अर्थ है किसी भी चीज़ का आदर्श रूप में करना।यह किसी भी बारे में हो सकती है।
किसी मकान को सफलता से बनाना।
यह स्वास्थ्य को लेकर भी हो सकती है,कि आप अपनेआप को स्वस्थ रखने में सफल हुए या नही।
रिश्तों में सफलता,शिक्षा में सफलता।
लेकिन जिस तरफ दुनिया का मुख है वह सिर्फ कारोबार और नाम की सफलता को एहमियत देते है।

सही सफलता हर पहलू पर सफलता हासिल करना है।सच मे एक सफल इंसान वही है जो अपने आप को स्वस्थ रखता हो,रिश्तों को सफलता से निभाता हो,और रोजगार और नाम में भी सफल हो।
और सबसे जरूरी एक अच्छा इंसान  बनने में सफलता।जिसकी लोगो को आज ज्यादा जरूरत है।

  – योगेन्द्र सिंह

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